राशन नहीं दिया, राशन मांगने पर हितग्राही की बेरहमी से पिटाई, — कवर्धा में संचालक की गुंडागर्दी
कबीरधाम जिले के ग्राम पथर्रा से राशन व्यवस्था को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है, जहां राशन मांगने पर दुकान संचालक द्वारा अपने परिजनों के साथ मिलकर हितग्राही की पिटाई करने और सोने की चैन व नगदी छीनने का गंभीर आरोप लगा है।
दरअसल पूरा मामला ग्राम पथर्रा, तहसील पिपरिया, जिला कबीरधाम का बताया जा रहा है। यहां शासकीय राशन दुकान के संचालक आकाश चंद्रवंशी पर हितग्राही के साथ मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगा है।
पीड़ित ग्रामीण के अनुसार वह 30 जनवरी 2026 को दो बार सोसायटी में चावल लेने गया, लेकिन भीड़ अधिक होने के कारण राशन नहीं मिल पाया। इस दौरान उसने संचालक से पूछा कि यदि आज नहीं मिला तो क्या कल राशन दिया जाएगा, जिस पर संचालक ने कथित रूप से टालमटोल जवाब दिया।
पीड़ित का आरोप है कि शाम करीब 7:30 बजे जब वह बस्ती की ओर जा रहा था, तब उसने सोसायटी खुली देखी और देर तक दुकान खुली रहने को लेकर सवाल किया। इसी बात पर संचालक भड़क गया और कथित तौर पर अपने चाचा मधु चंद्रवंशी और लाला चंद्रवंशी को बुलाया।
आरोप है कि तीनों ने मिलकर गाली-गलौज करते हुए डंडे और हाथ-मुक्कों से मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। मारपीट के दौरान पीड़ित के गले से करीब दो तोला सोने की चैन और जेब में रखे 30 हजार रुपये नगद छीने जाने का भी आरोप लगाया गया है।
पीड़ित के अनुसार मारपीट में उसके दांत, होंठ, हाथ और गले में चोट आई है। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व में भी आरोपियों द्वारा उसके साथ मारपीट की घटना हो चुकी है।
प्रशासन पर सवाल
अब बड़ा सवाल यह है कि —
क्या गरीबों को मिलने वाला राशन दबंगों की मनमर्जी से चलेगा?
क्या शासकीय राशन दुकानें निजी जागीर बन चुकी हैं?
क्या विभाग ऐसे संचालकों पर कार्रवाई करेगा?
इस पूरे मामले पर ग्रामीणों और पीड़ित ने प्रशासन से मांग की है कि —
राशन दुकान संचालक का लाइसेंस तत्काल निरस्त किया जाए
आरोपियों पर सख्त आपराधिक कार्रवाई हो।
अब इसे में कहना साफ होगा कि यह सिर्फ मारपीट का मामला नहीं, बल्कि गरीबों के हक पर सीधा हमला और सार्वजनिक वितरण प्रणाली की विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल है?





