प्राथमिक शाला पिरचाटोला का आकस्मिक निरीक्षण, बच्चों की उपलब्धि स्तर का किया गया मूल्यांकन
सहसपुर लोहारा। छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा वर्तमान शैक्षणिक सत्र को मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान के रूप में मनाया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत जिले और ब्लॉक स्तर पर विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियाँ एवं कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इसी तारतम्य में संयुक्त संचालक शिक्षा दुर्ग के निर्देशानुसार कबीरधाम जिले में विद्यालयों का नियमित निरीक्षण किए जाने की पहल की गई है।
इसी क्रम में सहसपुर लोहारा विकासखंड के सुदूर वनांचल व सीमावर्ती क्षेत्र में स्थित संकुल स्रोत केंद्र सूरजपुरा जंगल के अंतर्गत आने वाले विद्यालयों का सघन निरीक्षण किया जा रहा है। 12 सितंबर को संकुल समन्वयक श्री दीनाराम साहू द्वारा शासकीय प्राथमिक शाला पिरचाटोला का आकस्मिक निरीक्षण प्रातः 9:50 बजे किया गया।
निरीक्षण के दौरान विद्यालय के प्रधान पाठक श्री रमेश दास मानिकपुरी एवं सहायक शिक्षक श्री रमेश कुमार साहू समय पर विद्यालय में उपस्थित पाए गए। निर्धारित समयानुसार 9:55 बजे प्रार्थना सभा का आयोजन हुआ, जिसमें विद्यालय के सभी 10 विद्यार्थी शामिल हुए। प्रार्थना सभा में बच्चों द्वारा अभिव्यक्ति कौशल अंतर्गत घर से विद्यालय तक के रास्ते में देखी गई चीजों को 5–7 वाक्यों में अपने शब्दों में प्रस्तुत करने का अभ्यास कराया गया, जिसे बच्चों ने उत्साहपूर्वक किया।
संकुल समन्वयक श्री साहू ने बच्चों के उपलब्धि स्तर का आकलन भी किया। इस दौरान चार बच्चों का स्तर सामान्य श्रेणी में पाया गया। इन बच्चों को प्रोत्साहन स्वरूप पेन भेंट कर सम्मानित किया गया। पुरस्कार पाकर बच्चे अत्यंत उत्साहित नजर आए और सभी प्रश्नों के उत्तर आत्मविश्वास से दिए। वहीं अन्य बच्चों का उपलब्धि स्तर सामान्य से कम पाया गया, जिनके लिए विशेष उपचारात्मक शिक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान विद्यालय की मध्याह्न भोजन व्यवस्था का भी अवलोकन किया गया। इस दिन विद्यालय में सोयाबड़ी-आलू की सब्जी और दाल परोसा गया। भोजन कक्ष में साफ-सफाई की व्यवस्था संतोषजनक पाई गई।
विद्यालय की साज-सज्जा भी आकर्षक रही। दीवारों पर शैक्षणिक चित्र, रंग-रोगन एवं सजावटी कार्य से परिसर मनमोहक बना हुआ था। परिसर में “एक पेड़ माँ के नाम” योजना अंतर्गत पौधारोपण भी पर्याप्त मात्रा में किया गया है। हरा-भरा और स्वच्छ वातावरण विद्यालय की सुंदरता बढ़ा रहा है। इसके अतिरिक्त विद्यालय में एक कक्ष को पठन कक्ष के रूप में विकसित किया गया है, जहाँ बच्चे नियमित रूप से पुस्तकों का अध्ययन करते हैं।
कुल मिलाकर, प्राथमिक शाला पिरचाटोला की शैक्षणिक एवं सह-पाठ्य गतिविधियाँ सामान्य और संतोषजनक पाई गईं। संकुल समन्वयक श्री दीनाराम साहू ने विद्यालय के शिक्षकों को बच्चों के सीखने के स्तर को और बेहतर बनाने के लिए विशेष प्रयास करने की सलाह दी।





