शीतलहर और ठंड से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया सुरक्षा उपाय
स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की
कवर्धा। कबीरधाम जिले में शीतलहर एवं ठंड का प्रकोप बढ़ने के साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. डी.के. तुर्रे ने बताया कि जिले का तापमान दिन के समय 24 सेल्सियस से कम और रात में 10 सेल्सियस से नीचे दर्ज किया जा रहा है। ऐसे में ठंडी हवाओं का स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। डॉ. तुर्रे ने बताया कि शीतलहर का सबसे अधिक प्रभाव बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों, दीर्घकालिक बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों एवं उच्च रक्तचाप वाले मरीजों पर पड़ता है। ठंड के कारण रक्त वाहिकाएं सिकुड़ने से हृदय पर दबाव बढ़ जाता है, जिससे हृदयघात, ब्रेन स्ट्रोक और अनियमित धड़कन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति में अत्यधिक ठिठुरन, शरीर अकड़ना, उंगलियों का पीला या सफेद होना, सुन्नपन जैसे लक्षण दिखाई दें तो तत्काल नजदीकी चिकित्सक से संपर्क करें। उन्होंने नागरिकों को ठंड से बचाव के लिए स्वेटर, मोजे, दस्ताने और गर्म कपड़ों का अनिवार्य रूप से उपयोग करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि शरीर को गर्म रखने के लिए गर्म तरल पदार्थों का सेवन करते रहें। इसके साथ ही उन्होंने आग तापते समय सावधानी बरतने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि बंद कमरे में कोयला जलाना अत्यंत खतरनाक है क्योंकि इससे निकलने वाली कार्बन मोनोऑक्साइड गैस जहरीली होती है और यह जानलेवा साबित हो सकती है।
सीएमएचओ ने बताया कि सभी स्वास्थ्य संस्थानों में ठंड से पीड़ित मरीजों के उपचार के लिए पृथक बेड आरक्षित रखने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि मौसम के अनुरूप वस्त्र पहनें, अनावश्यक रूप से ठंड में बाहर न निकलें तथा किसी भी स्वास्थ्य समस्या होने पर तुरंत निकटतम स्वास्थ्य केंद्र या टोल-फ्री नंबर 104 पर संपर्क करें।





