कबीरधाम धान शॉर्टेज मामला: ‘चूहा-दीमक’ बयान के बाद प्रशासन का बड़ा एक्शन, सहायक प्रबंधक निलंबित
कबीरधाम। जिले के चर्चित धान शॉर्टेज मामले में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। धान की भारी कमी को लेकर दिए गए “चूहा और दीमक धान खा गए” बयान के बाद छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ (मार्कफेड) ने जिला विपणन कार्यालय से जुड़े सहायक प्रबंधक अभिषेक मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।
चारभाठा धान संग्रहण केंद्र से जुड़ा है मामला
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2024–25 में किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी कर उसे चारभाठा स्थित धान संग्रहण केंद्र में सुरक्षित रखा गया था। वर्ष 2026 की धान खरीदी शुरू होने से पहले जब पुराने स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया गया, तो करीब 26 हजार क्विंटल धान की कमी पाई गई। इस कमी की अनुमानित कीमत लगभग 7 करोड़ रुपये आंकी गई है।
जांच में सामने आईं गंभीर अनियमितताएँ
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने एक जांच समिति गठित की। जांच के दौरान तत्कालीन संग्रहण केंद्र प्रभारी प्रीतेश पांडेय की भूमिका संदिग्ध पाई गई। इतना ही नहीं, संग्रहण केंद्र में लगे सीसीटीवी कैमरों से छेड़छाड़ के भी प्रमाण मिले। इसके बाद प्रशासन ने प्रीतिश पांडेय को पहले ही निलंबित कर दिया था।
बयान बना कार्रवाई की वजह
इसी मामले को लेकर जब मीडिया ने सहायक प्रबंधक अभिषेक मिश्रा से धान की कमी पर सवाल पूछे, तो उन्होंने कथित तौर पर “चूहा और दीमक धान खा गए” जैसा बयान दिया। इस बयान को गंभीरता से लेते हुए मार्कफेड ने इसे गैर-जिम्मेदाराना मानते हुए उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की।





