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छीरपानी जलाशय में ओवरफ्लो, रातभर फँसे रहे चार ग्रामीणों को  राहत एवं बचाव दल ने  सुरक्षित निकाला

छीरपानी जलाशय में ओवरफ्लो, रातभर फँसे रहे चार ग्रामीणों को  राहत एवं बचाव दल ने  सुरक्षित निकाला

भोंदा गांव के समीप बाढ़ में पुल क्षतिग्रस्त, राहत शिविरों में ठहराए गए लोग

भोंदा में पुल क्षतिग्रस्त, प्रशासन ने सुरक्षित निकाले सभी ग्रामीण

तेज बारिश से जिले में बाढ़ की स्थिति, राहत शिविरों में ठहराए गए प्रभावित

कलेक्टर श्री वर्मा ने की बचाव अभियान की मॉनिटरिंग, सभी ग्रामीण सुरक्षित,

जिले में अचानक आई बाढ़ से निपटने प्रशासन ने किया सफल मॉकड्रिल

कवर्धा। कबीरधाम जिले के मैकल पर्वतीय क्षेत्रो में बीती रात हुई मूसलाधार बारिश से बाढ़ जैसे हालात निर्मित हो गए। जिले का महत्वपूर्ण क्षीरपानी जलाशय जलभराव की अधिकतम क्षमता पर पहुँच गया और ओवरफ्लो की स्थिति बन गई। इसी दौरान देर रात घूमने गए चार ग्रामीण जलाशय के गहरे पानी में फँस गए। दूसरी ओर तारेगांव जंगल मार्ग पर ग्राम भोंदा के समीप पुल बाढ़ के तेज बहाव से क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे आसपास के कई गांवों का संपर्क बाधित हो गया और ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गईं। स्थिति की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने तत्काल जिला बाढ़ कंट्रोल कक्ष को सूचित किया। कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने गंभीरता से संज्ञान लेते हुए जिला बाढ़ आपदा एवं प्रबंधन टीम में शामिल नगर सेना एवं एनडीआरएफ की संयुक्त टीम को तत्काल रवाना किया। टीम में नगर सेनानी, एनडीआरएफ के विशेषज्ञ जवान, जिला प्रशासन के अधिकारी तथा विभिन्न विभागों की रैपिड एक्शन टीमें शामिल थीं। सुबह 10 बजे संयुक्त दल घटनास्थल क्षीरपानी पहुँचा और राहत-बचाव अभियान प्रारंभ किया। एनडीआरएफ की ओर से नियुक्त आब्जर्वर एवं सेनानी सत्रहवीं वाहनी श्री कमलेश्वर प्रसाद चंदेल, प्रभारी आपदा प्रबंधन एवं भू-अभिलेख डिप्टी कलेक्टर श्री आर.बी. देवांगन, मॉकड्रिल की नोडल अधिकारी एवं डिप्टी कलेक्टर सुश्री रुचि शार्दूल, बोड़ला एडीएम श्री सागर सिंह, तहसीलदार सुश्री राजश्री पांडे सहित स्वास्थ्य, खाद्य, वन, परिवहन, पशुधन और विद्युत विभाग के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।
कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने स्वयं मौके पर पहुँचकर राहत कार्यों की मॉनिटरिंग की और अधिकारियों को त्वरित एवं समन्वित कार्यवाही के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि जिले के पहाड़ी क्षेत्रों में हुई लगातार बारिश के कारण छीरपानी जलाशय का जलस्तर बढ़ गया था, जिससे 4 ग्रामीण फँस गए थे। वहीं ग्राम भोंदा के क्षतिग्रस्त पुल के उस पार कई ग्रामीण अलग-थलग हो गए थे। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन दल सक्रिय हुए और सभी ग्रामीणों को सुरक्षित निकाल लिया गया।
राहत शिविरों में प्रभावित ग्रामीणों को ठहराने की व्यवस्था की गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जल से बाहर निकाले गए चारों ग्रामीणों का प्राथमिक उपचार किया और बेहतर इलाज के लिए उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रवाना किया। इसके अलावा बाढ़ प्रभावित परिवारों को राशन एवं आवश्यक खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई गई। कलेक्टर श्री वर्मा ने कहा कि जिले में अचानक आई इस स्थिति से निपटने के लिए की गई पूरी कार्यवाही एक सफल मॉकड्रिल साबित हुई है। इस मॉकड्रिल ने यह साबित किया कि आपदा जैसी किसी भी आकस्मिक परिस्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन और सभी विभागीय टीमें पूर्णतः सक्षम और तैयार हैं। उन्होंने संयुक्त दलों द्वारा दिखाए गए साहस और समन्वय की सराहना की।

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