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संविधान निर्माता,भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर जिला पंचायत में हुआ कार्यक्रम

संविधान निर्माता,भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर जिला पंचायत में हुआ कार्यक्रम

कवर्धा। संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, सीईओ जिला पंचायत श्री अभिषेक अग्रवाल, जिला पंचायत सदस्य श्री राम कुमार भट्ट, सदस्य श्रीमती पूर्णिमा मनीराम साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने बाबा साहेब के तैल्य चित्र पर माल्यार्पण करते हुए नमन किया। कार्यक्रम में उपस्थित जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि बाबा साहब का जीवन समाज के उत्थान, शिक्षा एवं नारी सम्मान जैसे विषयों पर आधारित रहा। उन्होंने हमेशा समाज को सही राह दिखाई और दुनिया के सबसे बड़े संविधान को अंतिम रूप दिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत कबीरधाम श्री अभिषेक अग्रवाल ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर का सपना समावेशी विकास का मार्ग है। हम सभी प्रशासनिक अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मिलकर उनके सपनों का भारत बनाने के लिए कार्य करें। अपने कर्तव्यों का निष्ठा पूर्वक निर्वहन करते हुए समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्तियों को लाभ पहुंचाना ही बाबा साहेब के सपनों का भारत है।

डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर जिला पंचायत सदस्य श्री रामकुमार भट्ट ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि बाबा साहेब ने विपरीत परिस्थितियों एवं सभी चुनौतियों को पार करते हुए शिक्षा के अलख से पूरे समाज को जगाया। भारतीय संविधान जो पूरे विश्व का सबसे बड़ा लिखित संविधान है उसकी रचना की।आज समाज का प्रत्येक वर्ग विकसित भारत के संकल्प को आगे बढ़ाने में अपना योगदान दे रहा है और यह संभव हुआ है बाबा साहेब के दिखाएं मार्ग अनुसार। अंबेडकर जयंती के अवसर पर जिला पंचायत सदस्य श्रीमती पूर्णिमा मनीराम साहू, जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि श्री मनीराम साहू, जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि श्री लोकचंद साहू, जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि श्री विजय पटेल, विधायक प्रतिनिधि कवर्धा श्री भूखन साहू ने भी अपने विचार वक्त किए। कार्यक्रम के दौरान जिला पंचायत के लेखा अधिकारी श्री भानु प्रताप नेताम,उपसंचालक पंचायत श्री राज तिवारी सहित जिला पंचायत के सभी अधिकारी कर्मचारी एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने मिलकर संविधान के शिल्पकार को याद करते हुए उन्हें नमन किया।

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